आज का दिन था इंग्लैंड की राजशाही औऱ संसदीय इतिहास के नाम...
सुबह के सूरज के साथ यूँ रोशन होते हुए हमें इस आलीशान इतिहास की पहली झलक मिली ( वैसे लंदन की unpredictable बारिश को देखते हुए सूरज के दर्शन होना किसी तोहफ़े से कम नहीं 😊)
ये यात्रा शुरू हुई Westminster Abbey से. ये ना केवल धर्मस्थल है बल्कि 1066 से इंग्लैंड के राजा की ताजपोशी का स्थान भी. यह राजपरिवार का ऐसा चर्च है जहाँ इंग्लैंड के राजपरिवार के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होते आये हैं. फिर चाहे वो ताजपोशी हो, विवाह हो या दफनाना.
एक ओर महत्वपूर्ण तथ्य यह देश के लिए इतना महत्वपूर्ण स्थान है कि यहाँ ना केवल राजपरिवार के बल्कि UK के विशिष्ट व्यक्तियों को भी दफनाया गया है. ये शख्सियतें हैं सर अइजेक न्यूटन, चार्ल्स डार्विन,स्टीफन हौकीन्स, रुड्यार्ड किपलिंग, चार्ल्स डिकीन्स जैसे कई और भी,
अंतिम खास बात यहाँ राजाओं के बीच में पूरे सम्मान के साथ एक अनजान सैनिक को भी दफनाया गया है जो प्रतीक है अपने उन अनजान सैनिकों को सम्मान देने का जो शहीद हुए और अंतिम समय अपनों के बीच नहीं पहुंच पाए. आप बाकी सब कब्रों के ऊपर से गुजर सकते हैं लेकिन इस अनजान सैनिक की क़ब्र पर से नहीं . यह जानना अनूठा तो था लेकिन अपनी संस्कृति के कारण धर्मस्थल पर दफनाया जाना थोड़ा अजीब सा महसूस हुआ.
स्थापत्य कला की बात करें तो गोथिक वास्तुकला का सुन्दर उदाहरण है ये स्थान, 10वीं सदी से इसका निर्माण शुरू हुआ ओर कई सौ साल चलता रहा लेकिन अलग अलग राजाओं ने इसकी वास्तु शैली को समान बनाये रखा. इसका खूबसूरती और कहानियां आपको बांध कर रख लेती हैं. अब तस्वीरों के साथ इसके सफर पर चलिए...












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