Sunday, January 7, 2024

लंदन डायरी -ब्रिटिश म्यूजियम

 आज का दिन ब्रिटिश म्यूजियम के नाम था. दुनिया के 3 सबसे अच्छे म्यूजियम में से एक. 


 नये साल की छुट्टी का आखरी दिन होने से म्यूजियम के गेट के बाहर लाइन एक चौराहे तक पहुंच गई थी, लेकिन हर आने वाला व्यक्ति शांति से लाइन में पीछे आकर खड़ा हो रहा था. म्यूजियम का कोई स्टॉफ नहीं लाइन लगवाने वाला, उसे बनाये रखने की जद्दोजहद करने वाला. गज़ब का अनुशासन दिखा. 

270 साल पुराना ये म्यूजियम किसी समय के ब्रिटिश राज की तरह पूरी दुनिया की संस्कृतियों को समेटे हुए है. यहाँ बाकायदा उन देशों को समर्पित गैलरी हैं जिनमें मानव सभ्यता औऱ संस्कृति का विकास देखने को मिलता है. 75000 वर्ग मीटर में निर्मित, 90 से ज्यादा गैलरी,  80 लाख वस्तुएँ, जैसे पूरी दुनिया ही सिमट आई हो यहाँ.

सब कुछ एक दिन में देखना संभव भी नहीं था पर जितना देखा वो बड़ा अच्छा अनुभव था. कई चीजें बेहद खूबसूरत थीं, अफ्रीका की लकड़ी पर नक्काशी, कोरिया का सुन्दर सा घर, मिस्र की ममी , चीन के बेहद सुन्दर चीनी मिट्टी के बर्तन , रोमन साम्राज्य की भी ढेर सारी चीजें दिखीं,अमेरिका , यूरोप हर जगह की पुरानी औऱ संपन्न सभ्यतायें.

अफ्रीका की लकड़ी पर नक्काशी

मिस्र की ममी 
ये तस्वीर लंदन की एक कंपनी द्वारा निर्मित 1901 के एक कैश रजिस्टर की है. जिसमें विक्रय का हिसाब होने के साथ साथ कैश रखने की ड्रावर भी है.
हमारे देश की एक महत्वपूर्ण चीज भी यहाँ दिखी, टीपू सुल्तान की तलवार 👇🏻👇🏻

कहानी अमारावती की...
यहाँ आकर पता चला अपने देश के उस अमारावती के बारे में जिसे मैं जानती नहीं थी. उसके कुछ हिस्से में चेन्नई में हैं औऱ कुछ यहाँ.इसका इतिहास पढ़िए, दिलचस्प है 👇🏻



 एक चांदी की प्लेट में रामायण के दृश्य भी बेहद सुन्दर थे 👇🏻👇🏻



कुल जमा शानदार चीजें लेकिन यहाँ लाने के इतिहास में हम जैसे उस समय के पराधीन देशों के दुख शामिल है. फिर भी  विभिन्न संस्कृतियों के इतिहास को जैसे सहेज कर रखा है वो काबिले तारीफ है. तो लंदन यात्रा में जरुर visit कीजिये.
तस्वीरें और वीडियो काफ़ी हैं जिनकी लिंक अलग से यात्रा के बाद शेयर करुँगी.



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