लंदन पंहुचने के बाद पहली बार सुबह धूप दिखी थी और हम 'जादू' ( जी हाँ वही कोई मिल गया वाला ) की तरह धूप देखकर खुश हो गए थे.
(Westminster abbey के बाहर का नजारा 👇🏻
पर जब हम Westminster Abbey में थे तब तक फिर बरखा रानी झूम कर बरसी और एबे से निकलते ही हमें थोड़ा भिगाया और अपने छातों में हम पंहुचे Westminster Palace यानि इंग्लैंड की संसद. संसद में अंदर विजिट के बाद मेरे प्यारे दोस्त ( अगर आपने मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट देखा है तो आप जानते हैं कि बादल मेरे सबसे अच्छे दोस्त हैं ) बादलों ने हमारे बाहर निकलने पर हम हिंदुस्तानी जादुओं के सम्मान मे वापस धूप को भेज दिया 😃😃😃
तो बरखा की इस आँख मिचौली के बाद जैसे ही बाहर निकले, हमें मिली बड़ी बहन, हाहाहाहा... Big Ben. अब आपको फिर याद दिलाऊं अपने हिंदुस्तानी स्टाइल में तो मेरा आज का टाइटल देखिये... तू घंटी बिग बेन दी पूरा लंदन ठुमकदा ❤️❤️❤️, इस गाने वाली बिग बेन....तो मैं भी थोड़ी सी, हाँ थोड़ी सी ठुमक ली ☺️☺️
थैंम्स नदी के किनारे स्थित इस पैलेस की खूबसूरती देखते ही बनती है. 1840 से 1876 के बीच पुनरनिर्मित इस भवन का एरिया 112476 वर्ग मीटर है.
Westminster palace ( glasswork )
मेरे लिए ये जानना दिलचस्प था कि इंग्लैंड कैसे 1686 से 1888 के दौरान राजशाही से लोकतंत्र में परिवर्तित हुआ. लेकिन महिलाओं को अपने वोट देने के अधिकार के लिए 90 साल का लम्बा संघर्ष करना पड़ा और उन्हें 1921 में यह अधिकार मिला.
इनके संसदीय इतिहास को जानने के दौरान यहीं लगता रहा कि ये कौनसी मानसिकता थी कि दूसरे देशों को अपने पराधीन रखो और वहां के संसाधनों को लूट कर खुद को संपन्न करो, ये कैसा लोकतंत्र और क्या इसकी ऐतिहासिकता...
दिन अभी बाकी है....
उम्मीद अभी बाकी है...




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